सोने से भी ज्यादा चमकी चांदी, कीमतों ने छुआ ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर, जानिए पूरी खबर-

चांदी, कीमत ₹3 लाख प्रति किलो
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सोने से भी ज्यादा चमकी चांदी, कीमतों ने छुआ ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर

देश और दुनिया के कमोडिटी बाजार में चांदी ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जिसने निवेशकों, ज्वेलरी कारोबारियों और आम लोगों सभी को चौंका दिया है। पहली बार चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर को पार कर गई है। अब तक सुरक्षित निवेश का पर्याय माने जाने वाले सोने को भी चांदी ने चमक के मामले में पीछे छोड़ दिया है। यह तेजी सिर्फ एक दिन या सप्ताह की नहीं, बल्कि लंबे समय से बन रहे वैश्विक और घरेलू कारकों का नतीजा है।

Published Date: 19 जनवरी 2026

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल क्यों आया?

विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई यह रिकॉर्डतोड़ तेजी कई कारणों से हुई है। सबसे बड़ा कारण औद्योगिक मांग में जबरदस्त इजाफा है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। जैसे-जैसे ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांदी की मांग भी लगातार बढ़ती जा रही है।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर डॉलर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता ने भी निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की ओर मोड़ा है। पहले जहां निवेशक सोने को प्राथमिकता देते थे, अब चांदी को भी एक मजबूत विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

हाल के महीनों में चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है। जहां सोने की कीमतों में सीमित बढ़त देखी गई, वहीं चांदी ने तेजी से ऊंचाई पकड़ी। यही वजह है कि बाजार में यह चर्चा तेज है कि आने वाले समय में चांदी निवेशकों की पहली पसंद बन सकती है।

बुलियन मार्केट से जुड़े जानकारों का मानना है कि चांदी अब सिर्फ एक कीमती धातु नहीं, बल्कि औद्योगिक और निवेश दोनों स्तरों पर रणनीतिक धातु बन चुकी है।

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आम लोगों और कारोबार पर असर:-

चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो पार करने का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ा है। चांदी के आभूषण, सिक्के और बर्तन अब पहले से कहीं ज्यादा महंगे हो गए हैं। शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

वहीं, ज्वेलरी कारोबारियों के लिए यह स्थिति दोहरी है। एक ओर पुराने स्टॉक पर उन्हें फायदा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर नई खरीद महंगी होने से बिक्री पर असर पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

निवेश के नजरिए से देखें तो चांदी की यह तेजी एक बड़ा संकेत देती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, इतनी ऊंची कीमतों पर निवेश करने से पहले सावधानी बरतना जरूरी है।

लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए चांदी अब भी आकर्षक विकल्प मानी जा रही है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

आगे क्या ₹3 लाख से ऊपर टिकेगी चांदी?

बाजार विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि यह स्तर मनोवैज्ञानिक है और यहां से मुनाफावसूली आ सकती है, जबकि कई जानकारों का कहना है कि अगर मांग इसी तरह बनी रही तो चांदी आने वाले समय में नए रिकॉर्ड भी बना सकती है। कुल मिलाकर, चांदी की कीमतों का ₹3 लाख प्रति किलो पार करना भारतीय कमोडिटी बाजार के इतिहास में एक बड़ा मोड़ है। सोने से ज्यादा चमकती चांदी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में यह धातु सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि निवेश और उद्योग दोनों के लिए बेहद अहम भूमिका निभाएगी।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलो क्यों पहुंच गई है?

चांदी की कीमत में यह उछाल मुख्य रूप से औद्योगिक मांग बढ़ने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर डॉलर और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण आया है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

2. क्या चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को पीछे छोड़ दिया है?

हाल के समय में चांदी ने सोने की तुलना में ज्यादा तेजी दिखाई है। इसी वजह से निवेशकों का ध्यान अब चांदी की ओर ज्यादा जा रहा है और इसे सोने से बेहतर प्रदर्शन करने वाली धातु माना जा रहा है।

3. चांदी की कीमत बढ़ने का आम लोगों पर क्या असर पड़ा है?

चांदी के दाम बढ़ने से आभूषण, सिक्के और चांदी के बर्तन महंगे हो गए हैं। इसका सीधा असर शादी-विवाह और त्योहारों की खरीदारी पर पड़ा है, जहां ग्राहकों को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।

4. क्या इस समय चांदी में निवेश करना सही है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लॉन्ग टर्म के लिए चांदी अब भी अच्छा विकल्प हो सकती है, लेकिन इतनी ऊंची कीमतों पर निवेश करते समय सावधानी जरूरी है। शॉर्ट टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

5. क्या चांदी की कीमत आगे और बढ़ सकती है?

अगर औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो चांदी की कीमतों में आगे भी मजबूती आ सकती है। हालांकि, कुछ समय के लिए मुनाफावसूली के कारण गिरावट भी संभव है।

6. चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी से ज्वेलरी कारोबार पर क्या असर पड़ा है?

ज्वेलरी कारोबारियों को पुराने स्टॉक पर फायदा हो रहा है, लेकिन नई चांदी महंगी होने के कारण बिक्री पर दबाव भी बढ़ सकता है। ग्राहक सीमित मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।

7. क्या चांदी अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रही?

अब चांदी सिर्फ गहनों की धातु नहीं रही। इसका इस्तेमाल सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, मेडिकल उपकरण और टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ गई है।

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