England vs Sri Lanka 3rd ODI: इंग्लैंड के लिए सुनहरा मौका — श्रीलंका की 5 साल पुरानी घरेलू बादशाहत खतरे में

England vs Sri Lanka 3rd ODI: इंग्लैंड के लिए सुनहरा मौका — श्रीलंका की 5 साल पुरानी घरेलू बादशाहत खतरे में
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कोलंबो में सीरीज़ निर्णायक मोड़ पर

England vs Sri Lanka (इंग्लैंड और श्रीलंका) के बीच कोलंबो में खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज़ अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुकी है। 27 जनवरी 2026 को खेला गया तीसरा और निर्णायक वनडे मुकाबला साल की शुरुआत में होने वाले सबसे चर्चित मैचों में से एक बन गया है। पहले दो मुकाबलों में जबरदस्त टक्कर के बाद इंग्लैंड ने सीरीज़ 1-1 से बराबर कर ली है और अब वह उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में एक दुर्लभ सीरीज़ जीत के बेहद करीब खड़ा है। वहीं दूसरी ओर, श्रीलंका की पिछले पांच साल से घरेलू मैदान पर अजेय द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ की लकीर अब टूटने के कगार पर है।

Published: 27 January 2026

England vs Sri: इंग्लैंड का जबरदस्त कमबैक: विदेशी वनडे हार का सिलसिला खत्म:-

इस दौरे पर इंग्लैंड का प्रदर्शन आत्मविश्वास और जुझारूपन से भरा रहा है। पहला वनडे 19 रन से हारने के बाद इंग्लैंड पर विदेशी परिस्थितियों में लगातार खराब प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया था। लेकिन दूसरे वनडे में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए 219 रनों का लक्ष्य पांच विकेट से हासिल किया। इस जीत के नायक रहे जो रूट, जिन्होंने 75 रनों की संयमित पारी खेली और इंग्लैंड की लगातार 11 विदेशी वनडे हारों का सिलसिला खत्म किया।

यह जीत सिर्फ सीरीज़ बराबर करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे पूरी इंग्लिश टीम का मनोबल और लय वापस लौट आई। कप्तान हैरी ब्रूक की अगुवाई में इंग्लैंड की टीम ने खासतौर पर स्पिन-अनुकूल पिचों पर बेहतरीन सामरिक समझ दिखाई।

निर्णायक मुकाबले की तैयारी: इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी

तीसरे वनडे की सुबह इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला लिया। यह फैसला रणनीतिक रूप से बेहद अहम था, क्योंकि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता, पिच और धीमी होती जाती। इंग्लैंड का मकसद था बड़ा स्कोर खड़ा कर श्रीलंका पर दबाव बनाना।

इंग्लैंड ने दूसरे मुकाबले की तरह ही स्पिन-प्रधान रणनीति पर भरोसा जताया, जबकि श्रीलंका ने अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करते हुए वानिंदु हसरंगा को शामिल किया, ताकि घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया जा सके।

इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी का तूफान: ब्रूक और रूट का जलवा

इस मैच में इंग्लैंड ने हालिया वनडे क्रिकेट की सबसे यादगार बल्लेबाज़ी प्रदर्शनों में से एक पेश की। इंग्लैंड ने पूरे 50 ओवरों में 357/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया।

हैरी ब्रूक का विस्फोटक शतक

इस ऐतिहासिक पारी के केंद्र में रहे हैरी ब्रूक, जिन्होंने मात्र 66 गेंदों में नाबाद 136 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिली, जिसने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। यह इंग्लैंड के लिए वनडे क्रिकेट के सबसे तेज़ और आक्रामक शतकों में से एक रहा और इससे ब्रूक की विश्व क्रिकेट में बढ़ती हैसियत साफ झलकती है।

जो रूट की क्लास और निरंतरता

ब्रूक का शानदार साथ निभाया जो रूट ने, जिन्होंने नाबाद 111 रन की क्लासिक पारी खेली। रूट ने मुश्किल समय में पारी को संभाला और सही मौकों पर तेजी दिखाई। यह उनके करियर का 20वां वनडे शतक रहा, जिसने उन्हें इंग्लैंड के महानतम वनडे बल्लेबाज़ों में और मजबूत स्थान दिलाया।

ब्रूक और रूट के बीच हुई 191 रनों की साझेदारी ने मुकाबले की दिशा पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दी। अब श्रीलंका के सामने 358 रनों का विशाल लक्ष्य था, जो किसी भी दबाव भरे मुकाबले में बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

श्रीलंका की चुनौती: घरेलू दबदबा परीक्षा में

श्रीलंका इस मुकाबले में पिछले पांच साल से घरेलू द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ में अजेय रहने का रिकॉर्ड लेकर उतरा था। यह उनकी स्पिन ताकत, रणनीतिक अनुशासन और घरेलू परिस्थितियों की समझ का प्रमाण है।

लेकिन निर्णायक मुकाबले में इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था। मध्यक्रम के बल्लेबाज़ पवन रत्नायके जैसे खिलाड़ियों ने संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन जैसे-जैसे रन रेट बढ़ता गया, इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने लगातार दबाव बनाए रखा।

रिकॉर्ड रन रेट का दबाव

ड्रिंक्स ब्रेक तक श्रीलंका का स्कोर 36 ओवर में 230/6 था और आखिरी 14 ओवरों में 128 से ज्यादा रन बनाने थे। यह लक्ष्य निर्णायक मुकाबले में लगभग असंभव सा प्रतीत हो रहा था।

इस मुकाबले में जोस बटलर ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह इंग्लैंड के लिए 400 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने, जो उनके लंबे और सफल करियर को दर्शाता है।

रणनीतिक विश्लेषण: मैच का रुख बदलने वाले फैसले

इंग्लैंड द्वारा रेहान अहमद को आक्रामक ओपनिंग विकल्प के रूप में आज़माना उनके आधुनिक और निडर क्रिकेट दर्शन को दिखाता है। यह फैसला पावरप्ले का अधिकतम फायदा उठाने की सोच के तहत लिया गया।

वहीं श्रीलंका ने हसरंगा को शामिल कर यह साफ कर दिया कि वह अब भी घरेलू मैदान पर स्पिन को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानता है।

इंग्लैंड के लिए इस जीत का महत्व

अगर इंग्लैंड इस मुकाबले को जीतकर सीरीज़ 2-1 से अपने नाम करता है, तो यह एशियाई परिस्थितियों में उसकी एक ऐतिहासिक वनडे सीरीज़ जीत मानी जाएगी। श्रीलंका की पांच साल पुरानी घरेलू बादशाहत को तोड़ना इंग्लैंड के लिए आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित होगा।

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