West Bengal: 823 बर्थ और 16 कोच वाली Vande Bharat स्लीपर ट्रेन – यात्रियों के लिए नया अनुभव Latest News:-

West Bengal Vande Bharat sleeper train coach
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West Bengal: 823 बर्थ और 16 कोच वाली Vande Bharat स्लीपर ट्रेन – यात्रियों के लिए नया अनुभव

West Bengal (पश्चिम बंगाल) में भारतीय रेलवे लगातार खुद को आधुनिक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसी कड़ी में अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने एंट्री ली है। खास बात यह है कि यह ट्रेन पश्चिम बंगाल के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है। 823 बर्थ और 16 कोच वाली यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्राओं को न सिर्फ तेज बनाएगी, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक भी करेगी। ये सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें, जो भारत की पहली स्वदेशी डिज़ाइन और निर्मित ट्रेनसेट हैं, आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतर पैसेंजर कम्फर्ट और यात्रा के समय को कम करके शहरों के बीच रेल सेवाओं को मज़बूत करने के लिए विकसित की गई हैं।

15 फरवरी 2019 को कमर्शियली शुरू हुए इस प्रोजेक्ट ने अब रफ़्तार पकड़ ली है और अभी नेटवर्क पर लगभग 80 ट्रेनें चल रही हैं।

प्रकाशन तिथि: 17 जनवरी 2026

अब तक आपने वंदे भारत को चेयर कार के रूप में देखा होगा, लेकिन स्लीपर वर्जन बिल्कुल नया अनुभव लेकर आ रहा है। यह ट्रेन खास तौर पर रात की लंबी यात्राओं को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है, ताकि यात्री सोते-सोते अपनी मंज़िल तक पहुंच सकें।

West Bengal के लिए खास सौगात

पश्चिम बंगाल एक ऐसा राज्य है जहां लाखों लोग रोज़ाना और लंबी दूरी की ट्रेन यात्रा करते हैं। कोलकाता से देश के कई बड़े शहरों के लिए सीधी और तेज स्लीपर ट्रेन की लंबे समय से मांग थी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी जरूरत को पूरा करने जा रही है।

823 बर्थ की खासियत

इस ट्रेन में कुल 823 स्लीपर बर्थ होंगी, जो इसे बेहद कैपेसिटी-फ्रेंडली बनाती हैं। यानी ज्यादा यात्री, बेहतर मैनेजमेंट और आरामदायक नींद। बर्थ का डिजाइन ऐसा रखा गया है कि लंबे सफर में भी थकान महसूस न हो।

यह कोई आम स्लीपर कोच नहीं है। बर्थ ज्यादा चौड़ी, मैट्रेस ज्यादा आरामदायक और लाइटिंग पूरी तरह सॉफ्ट रखी गई है। मतलब, ऐसा एहसास जैसे आप किसी होटल के कमरे में सफर कर रहे हों।

चार्जिंग प्वाइंट, रीडिंग लाइट, साफ-सुथरे टॉयलेट और बेहतर वेंटिलेशन—हर छोटी-बड़ी चीज़ का ध्यान रखा गया है।

16 कोच वाली ट्रेन

इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। हर कोच को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ट्रेन की स्पीड और बैलेंस दोनों बना रहे।

  • ट्रेन में आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम, फायर सेफ्टी फीचर्स और ऑटोमैटिक डोर जैसी तकनीकें दी गई हैं। यह यात्रियों को सुरक्षित और बेफिक्र यात्रा का अनुभव देती हैं।
  • यह ट्रेन न सिर्फ तेज है, बल्कि बेहद स्मूथ भी है। कम झटके, कम शोर और ज्यादा स्थिरता—यानी सफर में चैन ही चैन।

अगर तुलना करें तो यह ट्रेन पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों से कई कदम आगे है। यहां सफर बोझ नहीं, बल्कि एक अनुभव बन जाता है।

यात्रियों के लिए फायदे

  1. लंबी दूरी में समय की बचत
  2. बेहतर नींद और आराम
  3. आधुनिक सुविधाएं
  4. सुरक्षित यात्रा
रेलवे का विज़न

भारतीय रेलवे का लक्ष्य साफ है—यात्रियों को वर्ल्ड-क्लास अनुभव देना। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन उसी सोच का अगला कदम है।

FAQs

1. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन किसके लिए फायदेमंद है?
लंबी दूरी की रात की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए।

2. इसमें कितनी बर्थ होंगी?
कुल 823 स्लीपर बर्थ।

3. क्या यह ट्रेन पश्चिम बंगाल से चलेगी?
हां, इसे पश्चिम बंगाल से जोड़ने की योजना है।

4. क्या यह सामान्य स्लीपर ट्रेन से महंगी होगी?
संभावना है कि किराया थोड़ा ज्यादा हो, लेकिन सुविधाएं भी बेहतर होंगी।

5. कब से शुरू होने की उम्मीद है?
रेलवे की तैयारियों के अनुसार जल्द ही शुरुआत हो सकती है।

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