Breaking News: गुजरात में 73 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची SIR के प्रारूप से हटा दिए गए हैं।

Breaking News: गुजरात में 73 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची SIR के प्रारूप से हटा दिए गए हैं।
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Published Date: 19 दिसंबर 2025

गुजरात SIR अपडेट: ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटे 73 लाख से अधिक वोटर — पूरी जानकारी

गुजरात में आज एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आई है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद ड्राफ्ट इलेक्ट्रल रोल (Draft Electoral Roll) जारी किया है, जिसमें लगभग 73.7 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। इससे पहले राज्य में कुल मतदाता संख्या 5.08 करोड़ (50,843,436) थी, लेकिन ड्राफ्ट सूची में यह घटकर लगभग 4.34 करोड़ (43,470,109) रह गई है। यह बदलाव इसी वर्ष दिसंबर में संपन्न SIR प्रक्रिया के बाद किया गया है।

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अपडेट और विश्वसनीय बनाना है। इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग घर-घर जाकर सत्यापन करता है और उन मतदाताओं को सूची से हटाया जाता है:

  • जिनका देहांत हो चुका है,
  • जो स्थायी रूप से अपने पते से स्थानांतरित हो चुके हैं,
  • जिनके नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं,
  • या जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता।

यह नियमित प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर ड्राफ्ट मतदाता सूची को साफ और त्रुटि-मुक्त बनाने का एक अभियान है।

73 लाख नाम क्यों हटाए गए? — मुख्य कारण

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार SIR के दौरान विभिन्न कारणों से नाम हटाए गए:

  1. कई मतदाता मृत पाए गए
  2. बड़ी संख्या में मतदाता स्थानांतरित हो चुके हैं और पुराने पते पर अब नहीं रहते।
  3. कुछ मतदाता डुप्लीकेट इन्ट्री के रूप में पाए गए।
  4. कुछ मतदाता अनुपस्थित या दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाए।

तुलना में ये आंकड़े पहले से पंजीकृत मतदाताओं के मुकाबले काफी अधिक हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सूची में पुरानी और अप्रचलित प्रविष्टियों को हटाया गया है।

मतदाता के अधिकार:-

ड्राफ्ट सूची जारी होते ही चुनाव आयोग ने दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। उनके लिए मुख्य बिंदु निम्न हैं:

  1. दावा/आपत्ति की समय-सीमा:
    वोटर अब 19 दिसंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 तक दावा (Claim) या आपत्ति (Objection) दर्ज करा सकते हैं।
  2. कैसे करें जांच:
    मतदाता आधिकारिक CEO गुजरात वेबसाइट या Voter Services Portal/App पर जाकर ऑनलाइन अपने नाम की स्थिति जांच सकते हैं।
  3. सुधार का अधिकार:
    अगर आपका नाम गलती से हटाया गया है या जानकारी गलत है, तो आप Form-7 भरकर नाम फिर से जोड़ने या ठीक करवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  4. ऑफलाइन विकल्प:
    स्थानीय बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) से भी मदद ली जा सकती है।

इसका मतदाता अर्थशास्त्र और लोकतंत्र पर प्रभाव

यह कदम गुजरात की मतदाता सूची को अधिक सटीक और वास्तविक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में है। इससे मतदाता सूची में मृत, डुप्लिकेट या स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं को हटाकर सिर्फ वास्तविक योग्य मतदाता को शामिल करने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में नाम हटने से विवाद और सवाल भी उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषक चिंता जताते हैं कि अगर प्रक्रिया में तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटियाँ हुई हैं, तो पात्र मतदाताओं के मतदाता सूची से बाहर हो जाने की संभावना भी बन सकती है। ऐसे में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। गुजरात में SIR के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से 73.7 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाना एक ऐतिहासिक और बड़ा बदलाव है जो चुनाव से पहले मतदाता सूची को साफ करने और सटीक बनाने के लिए किया गया है। यह कदम सही दिशा में है,

लेकिन इसके साथ ही यह भी आवश्यक है कि हर नागरिक अपनी स्थिति की जांच करे और अगर उसकी पात्रता के बावजूद नाम हटाया गया हो, तो वह तेजी से दावा/आपत्ति दर्ज कराए।

इस बदलाव का अंतिम परिणाम अंतिम मतदाता सूची के रूप में फरवरी 2026 में प्रकाशित होगा, जो आगामी चुनाव के लिए निर्णायक साबित होगा।

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