
Bihar Election 2025 में National Democratic Alliance (NDA) की सुनामी, विपक्ष का सूपड़ा साफ – बिहार ने फिर चुना डबल इंजन सरकार!
14 नवंबर 2025
पटना से रिपोर्ट – बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक बार फिर बहुमत के अद्भुत संख्यात्मक प्रदर्शन के साथ NDA ने राज्य की राजनीति पर अपना प्रभुत्व जमाया है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में NDA 243 सदस्यों वाली विधान सभा में 200 से अधिक सीटों की ओर अग्रसर दिख रही है। विपक्षीय गठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और उसके राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिह्न उभर कर सामने आए हैं।
Bihar Election 2025 🔍 क्या-क्या हुआ?
- चुनाव दो चरणों में आयोजित हुए — पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे में 11 नवंबर को मतदान हुआ।
- मतगणना 14 नवंबर 2025 को पूरी हुई।
- NDA ने लगभग 200 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया — विश्लेषकों ने इसे ‘‘सफाई’’ की तरह देखा है।
- विपक्षी महागठबंधन (MGB) और अन्य दलों को अपेक्षा से कम सफलता मिली है।
‘डबल इंजन’ मॉडल को मिली जन मान्यता
NDA की जीत का एक बड़ा कारण उसके “डबल इंजन सरकार” के अभियान को मतदाताओं ने स्वीकार किया है — केंद्र और राज्य में एक-समान राजनीतिक दिशा और विकास का वादा।
उनका यह दावा रहा कि राज्य में विकास-परक काम तेजी से होंगे, और ‘स्थिर सरकार’ का माहौल बनेगा।
Bihar Election 2025 विपक्ष की हार के संकेत
विपक्ष को कई मोर्चों पर मुहँ की खानी पड़ी:
- MGB को सीधे तौर पर हार का सामना करना पड़ा।
- जनता ने विकास-विभाजन के सवालों को प्राथमिकता दी, राज्य-प्रशासनिक स्थिरता को अहमियत दी।
- इस चुनाव ने यह स्पष्ट किया कि बिहार में मतदाता बदलाव का मूड रखता है — उन्होंने पुरानी राजनीति को त्यागने की प्रवृत्ति दिखाई।
आगे का रोडमैप
चुनाव परिणाम के बाद अब ये प्रश्न सामने हैं:
- NDA अपनी इस जीत के बाद राज्य में क्या नीति-परिवर्तन लाने जा रही है?
- विपक्ष किस प्रकार अपनी रणनीति बदलेंगे, और अगली चुनौतियों के लिए कौन-से नए समीकरण बनाएँगे?
- इस जीत का असर राष्ट्रीय राजनीति, विशेषकर आगामी राज्यों के चुनावों पर कैसे होगा?
निष्कर्षतः—बिहार ने फिर से डबल इंजन मॉडल के पक्ष में अपनी आवाज़ उठाई है। राजनीतिक पटल पर NDA ने एक स्पष्ट रिमांड तय किया है कि राज्य में विकास-करण की लहर जारी रहेगी और स्थिर शासन का एजेंडा चलता रहेगा।